बुधवार, जनवरी 17, 2018


Introduction to Dhar ऐतिहासिक महत्व

धार, धार जिले का मुख्यालय है और साथ ही जिले के सात तहसील मुख्यालयों में से एक भी है।
इस कस्बे तक पहुंचना सरल है और यह इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग-59 पर स्थित है। यह इंदौर से 60 किलोमीटर की दूरी पर और भोपाल से 250 किलोमीटर की दूरी पर है जिससे स्थिति के हिसाब से इसका महत्व और बढ़ जाता है। राज्य राजमार्ग-31 भी शहर से होकर गुजरता है और इसे दक्षिण में मुम्बई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग-3 से तथा उत्तर में राष्ट्रीय राजमार्ग-79 से जोड़ता है।
इस कस्बे का अतीत ऐतिहासिक तथा सभ्यता-संस्कृति से जुड़ा रहा है। यहां कई शासकों ने राज किया और यह अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का एक महत्वपूर्ण केन्द्र था तथा जमीनी रास्ते से यहां व्यापार हुआ करता था। लेकिन अब इसका रूतबा काफी घट गया है।
इस कस्बे के साथ सभ्यता-संस्कृति और इतिहास का पुराना रिश्ता है और इस दौर की शुरूआत परमार राजाओं के साथ हुई जिन्होंने मालवा पर 400 साल से भी अधिक समय तक शासन किया और मुंज और भोजदेव नामक महान राजा इसी राजवंश से थे। माना जाता है कि भोजदेव अपनी राजधानी धार से उज्जैन ले गए थे जहां उन्होंने संस्कृत अध्ययन से जुड़े भारतीय विश्वविद्यालय को स्थापित किया जिसे भोजशाला कहा जाता था। मुगलों से पहले वाले दौर में धार दिल्ली सल्तनत के तहत राजधानी बना रहा। बाद में राजधानी को मांडु स्थानांतरित कर दिया गया - परन्तु धार ने अब भी अपना महत्व नहीं खोया था।
मांडु के इलाकों में विन्ध्याचल पहाड़ियों में कुछ बहुत ही समृद्ध स्मारक आज भी मौजूद हैं।
यह कहना भी उपयुक्त होगा कि इस जिले में तीन भिन्न भू-आकृतिक संभाग हैं। ये है:- 1. उत्तर में मालवा पठार 2. मध्य में विन्ध्याचल श्रृंखला और 3. दक्षिणी सीमा के साथ-साथ नर्मदा घाटी|
धार पहले वाले क्षेत्र में है। यानी जिले के उत्तरी हिस्से में।

Location and Climate of Dhar भौगोलिक स्थिति

यह कस्बा 21º49’30 उत्तर अक्षांश और 75º30 45’ पूर्व देशांतर की स्थिति में पड़ता है और अरावली तथा विन्ध्याचल क्षेत्रों में स्थित है। इसकी समुद्रतल से औसत ऊंचाई 588 मीटर है।
यह कस्बा कुल मिलाकर लगभग 30 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इसमें से केवल 7.82 वर्ग किलोमीटर इलाका ही विकसित है। नागरिक प्रशासन के लिए नगरपालिकीय क्षेत्र को 30 वार्डो में बांटा गया है।

Connectivity to Dhar जिला संदर्भ-धार

धार जिला, इस अध्ययन का संदर्भ जिला है। यह जिला, इंदौर संभाग का हिस्सा है और राज के दस संभागों में से एक है। यह राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है और इसके तहत 8,153 वर्ग किलोमीटर भू-क्षेत्र आता है। इस जिले में 7 तहसीलें हैं, जिनके नाम हैं - धार, बदनावर, धरमपुरी, सरदारपुर, मनावर, कुकशी और गांधवानी। इस प्रकार धार कस्बे का विशेष महत्व है क्योंकि यह तहसील मुख्यालय भी है और जिला मुख्यालय भी।
इस जिले की आबादी 17,40,577 है (2001 की जनगणना के अनुसार) यानी एक दशक में आबादी की वृद्धि दर 27.29 प्रतिशत है (1991-2001 तक) इंदौर-अहमदाबाद राजमार्ग (राष्ट्रीय राजमार्ग 59) धार जिले से होकर गुजरता है और मुख्यालय धार इंदौर से 60 किलोमीटर की दूरी पर बसा है, जो राज्य का सबसे बड़ा शहर है।
यह जिला सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से भरपूर है।
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